मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला..
आंखे तेरी.. इतनी हसीन..
के इनका आशिक मैं बन गया हूं..
मुझको बसाले इनमे तू..
मुझसे ये हर घडी मेरा दिल कहे..
तुम ही हो इसकी आरज़ू..
मुझसे ये हर घडी मेरे लब कहें..
तेरी ही हो सब गुफ़्तगू..
बातें तेरी इतनी हसीन..
मैं याद इनको जब करता हूं..
फ़ूलों सी आये खुश्बू..
रख लूं छुपाके मैं कहीं, तुझको..
साया भी तेरा ना मैं दूं..
रख लूं बनाके कहीं घर मैं तुझे..
साथ तेरे मैं ही रहूं..
जुल्फ़ें तेरी इतनी घनी..
देखके इनको ये सोचता हूं..
साये मे इनके मैं जीयूं..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौल मेरे..
मेरा दिल येही बोला..
यारा राज़ ये इसने है मुझपर खोला..
के है अश्क-ए-मोहब्बत है जिसके दिल मे..
उसको पसंद करता है मौला मेरा दिल..
यही बोला..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मेरे मौला.
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