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13Jun/070

बहुत दिन हुए

बहुत दिन हुए वो तूफ़ान नही आया,
उस हसीं दोस्त का कोई पैगाम नही आया,
सोचा में ही कलाम लिख देता हूँ,
उसे अपना हाल- ए- दिल तमाम लिख देता हूँ,
ज़माना हुआ मुस्कुराए हुए,
आपका हाल सुने... अपना हाल सुनाए हुए,
आज आपकी याद आई तो सोचा आवाज़ दे दूं,
अपने दोस्त की सलामती की कुछ ख़बर तो ले ल
 

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12Jun/070

मौला मेरे..

मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला..
आंखे तेरी.. इतनी हसीन..
के इनका आशिक मैं बन गया हूं..
मुझको बसाले इनमे तू..

मुझसे ये हर घडी मेरा दिल कहे..
तुम ही हो इसकी आरज़ू..
मुझसे ये हर घडी मेरे लब कहें..
तेरी ही हो सब गुफ़्तगू..

बातें तेरी इतनी हसीन..
मैं याद इनको जब करता हूं..
फ़ूलों सी आये खुश्बू..

रख लूं छुपाके मैं कहीं, तुझको..
साया भी तेरा ना मैं दूं..
रख लूं बनाके कहीं घर मैं तुझे..
साथ तेरे मैं ही रहूं..

जुल्फ़ें तेरी इतनी घनी..
देखके इनको ये सोचता हूं..
साये मे इनके मैं जीयूं..

मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौल मेरे..
मेरा दिल येही बोला..
यारा राज़ ये इसने है मुझपर खोला..
के है अश्क-ए-मोहब्बत है जिसके दिल मे..
उसको पसंद करता है मौला मेरा दिल..
यही बोला..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मेरे मौला.
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10Jun/070

अजनबी शहर

अजनबी शहर मैं कुछ अजनबी लगता ही नहीं
एक से दर्द हैं सब एक से ही रिश्ते हैं
उम्र के खेल में इक तरफ़ा है ये रस्सकशी
इक सिरा मुझको दिया होता तो कुछ बात भी थी
मुझसे तगडा भी है और सामने आता भी नहीं
सामने आये मेरे देखा मुझे बात भी की
मुस्कुराये भी पुराने किसी रिश्ते के लिये
कल का अखबार था बस देख लिया रख भी दिया
वो मेरे साथ ही था दूर तक मग़र एक दिन
मुड के जो देखा तो वो और मेरे पास न था
जेब फ़ट जाये तो कुछ सिक्के भी खो जाते हैं
चौधंवे चाँद को फ़िर आग लगी है देखो
फ़िर बहुत देर तलक आज उजाला होगा
राख हो जायेगा जब फ़िर से अमावस होगी
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24May/070

आज एक बार सबसे मुस्करा के बात करो

आज एक बार सबसे मुस्करा के बात करो
बिताये हुये पलों को साथ साथ याद करो
क्या पता कल चेहरे को मुस्कुराना
और दिमाग को पुराने पल याद हो ना हो

आज एक बार फ़िर पुरानी बातो मे खो जाओ
आज एक बार फ़िर पुरानी यादो मे डूब जाओ
क्या पता कल ये बाते
और ये यादें हो ना हो

आज एक बार मन्दिर हो आओ
पुजा कर के प्रसाद भी चढाओ
क्या पता कल के कलयुग मे
भगवान पर लोगों की श्रद्धा हो ना हो

बारीश मे आज खुब भीगो
झुम झुम के बचपन की तरह नाचो
क्या पता बीते हुये बचपन की तरह
कल ये बारीश भी हो ना हो

आज हर काम खूब दिल लगा कर करो
उसे तय समय से पहले पुरा करो
क्या पता आज की तरह
कल बाजुओं मे ताकत हो ना हो

आज एक बार चैन की नीन्द सो जाओ
आज कोई अच्छा सा सपना भी देखो
क्या पता कल जिन्दगी मे चैन
और आखों मे कोई सपना हो ना हो

क्या पता
कल हो ना हो ....

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24May/070

जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है

जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है,
ना मा, बाप, बहन, ना यहा कोई भाई है.
हर लडकी का है Boy Friend, हर लडके ने Girl Friend पायी है,
चंद दिनो के है ये रिश्ते, फिर वही रुसवायी है.

घर जाना Home Sickness कहलाता है,
पर Girl Friend से मिलने को टाईम रोज मिल जाता है.
दो दिन से नही पुछा मां की तबीयत का हाल,
Girl Friend से पल-पल की खबर पायी है,
जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है…..

कभी खुली हवा मे घुमते थे,
अब AC की आदत लगायी है.
धुप हमसे सहन नही होती,
हर कोई देता यही दुहाई है.

मेहनत के काम हम करते नही,
इसीलिये Gym जाने की नौबत आयी है.
McDonalds, PizaaHut जाने लगे,
दाल-रोटी तो मुश्कील से खायी है.
जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है…..

Work Relation हमने बडाये,
पर दोस्तो की संख्या घटायी है.
Professional ने की है तरक्की,
Social ने मुंह की खायी है.

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7May/070

जिन्दगी ये kis मोड पे ले आयी ह

जिन्दगी ये kis मोड पे ले आयी है ,

ना मा, बाप, बहन , ना यहा कोई भाई है .

हर लडकी का है Boy Friend, हर लडके ने Girl Friend पायी है ,

चंद दिनो के है ये रिश्ते , fir वही रुसवायी है .

घर जाना Home Sickness कहलाता है ,

पर Girl Friend से मिलने को टाईम रोज mil जाता है .

दो दिन से नही पुछा मां की तबीयत का हाल ,

Girl Friend से पल - पल की खबर पायी है,

जिन्दगी ये kis मोड पे ले आयी है …..

कभी खुली हवा मे घुमते थे ,

अब AC की आदत लगायी है .

धुप हमसे सहन नही होती ,

हर कोई देता यही दुहाई है .

मेहनत के काम हम करते नही ,

इसीलिये Gym जाने की नौबत आयी है .

McDonalds, PizaaHut जाने लगे,

दाल- रोटी तो मुश्कील से खायी है .

जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है …..

Work Relation हमने बडाये ,

पर दोस्तो की संख्या घटायी है .

Professional ने की है तरक्की ,

Social ने मुंह की खायी है.

जिन्दगी ये kis मोड पे ले आयी है

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22Apr/070

फूलो से कह दो

फूलो से कह दो महकना बंद कर दे, की उनकी महक की कोई जरूरत नही....
सितारो से कह दो चमकना बंद कर दे, की उनकी चमक की कोई जरूरत नही....
भवरो से कह दो अब ना गुनगुनाये, की उनकी गुंजन की कोई जरुरत नही....
सागर की लहरे चाहे तो थम जाये, की उनकी भी कोई जरुरत नही....
सुरज चाहे तो ना आये बाहर्, की उसकी किरणो की भी जरुरत नही....
चाँद चाहे तो ना चमके रात भर, की उसके आने की भी जरुरत नही....

वो जो आ गये हैं इस जहाँ में, तो दुनिया मे और किसी खूबसूरती की जरुरत ही नही...
मेरी जान आ ग़इ....

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14Apr/070

arz hai…

arz hai...

hamare profile pe aate hain woh....
(zara gor farmayein..)
hamare profile pe aate hain woh......... ...
(wah-wah)
aur ek scrap bhi nahi chod jate hai woh....
(kya baat hai....)

itna bhi nahi maloom janab ko....
(baat ki gahraayee dekhiye)

recent visiters main dikh jaate hain woh
(kamal ho gaya)!!!!!
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28Mar/070

Munnabhai Dialog (Vidya Balan)

इस दौड़ में दौड़ के करना क्या है?
जब यही जीना है दोस्तों तो फ़िर मरना क्या है?

पहली बारिश में ट्रेन लेट होने की फ़िक्र है
भूल गये भीगते हुए टहलना क्या है?

सीरियल्स् के किर्दारों का सारा हाल है मालूम
पर माँ का हाल पूछ्ने की फ़ुर्सत कहाँ है?

अब रेत पे नंगे पाँव टहलते क्यूं नहीं?
108 हैं चैनल् फ़िर दिल बहलते क्यूं नहीं?

इन्टरनैट से दुनिया के तो टच में हैं,
लेकिन पडोस में कौन रहता है जानते तक नहीं.

मोबाइल, लैन्डलाइन सब की भरमार है,
लेकिन जिग्ररी दोस्त तक पहुँचे ऐसे तार कहाँ हैं?

कब डूबते हुए सुरज को देखा त, याद है?
कब जाना था शाम का गुज़रना क्या है?

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17Mar/070

दोस्ती

दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रेहने का.. बल्कि दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में.. जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की. देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में.. येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज.. दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में.. नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी.. पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में.. कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी.. दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में.. सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते ह अलग-अलग.. दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में.. माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये "अभी" पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में.. ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि.. भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में
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